जात-मजहब में सब को बांटता है आदमी, अब कहां नफरत की खाई पाटता है आदमी ..

सारण।थानाक्षेत्रकेकोहड़ाबाजारस्थितसूफीपीरबाबूजानखांसंजरकीमजारपरसालानाउर्सकेमौकेपरसोमवारकीरातकौमीएकताकेनाममुशायरासहकविसम्मेलनकाआयोजनकियागया।जिसमेंबड़ीसंख्यामेंमौजूदश्रोतादेरराततकवाह-वाहकरतेरहे।लोगोंनेशेर,शायरी,गजल,कविता,गीतआदिकाआनंदलियाऔरवाह-वाहकरतेरहे।कार्यक्रमकीशुरुआतसोहैलपैगम्बरपुरीके नातियाकलामसेहुई।उसकेबादशेरवशायरी,गजल,कविता,गीतआदिकादौरपरवानचढ़तागया।झारखंडसेपहुंचेमशहूरगीतकारवशायरकुमारबृजेंद्रनेजबसुनाया हमकोअपनागांवछोड़करजानापड़ताहै,तबजाकरबच्चोंकेमुंहमेंदानापड़ताहै।इससच्चाईकोसबनेकुबूलकिया।सुभाषचंद्रयादवके मुस्कानहैहोठोंपरऔरदर्दहैसीनेमें,एकसांसकाअंतरहैमरनेऔरजीनेमें कोलोगोंनेखूबपसंदकिया।मऊयूपीसेपहुंचेगीतकारसंजयमिश्रकेभोजपुरीगीत केकरकवनरूपवाकइसेपहिचानी,पीतरकेगगरीपरसोनाकेपानीकोभीखूबसराहनामिली।परवेजअशरफनेसुनाया जात-मजहबमेंसबकोबांटताहैआदमी,अबकहांनफरतकीखाईपाटताहैआदमी,कुत्तेतोबसभौंकतेहैं,काटताहैआदमी सुनतेहीलोगतालीपीटनेलगे।हरतरफसेवाह-वाहकीआवाजआनेलगी।हास्यव्यंग्यकेशायरसुनीलकुमारतंगइनायतपुरीनेकहा -गरीबलोगोंकोहमदिलमेंपालतेहीनहीं,अमीरलोगहमेंघासडालतेहीनहींपरलोगोनेखूबठहाकालगाया।परवानासिवानीके भोजपुरीगीतहेरागइलेकहवांउनेहियाकेगांवऔरराकेशरंजनरंधीरकीरचनाक्योंलुटायाथामोहब्बतकाखजानालेकरकोभीलोगोंनेपसंदकिया।डॉ.तारिकअनवर,रेयाजमोहिउद्दीनपुरी,वहशीहवड़वी,हलीमसाबिर,अहमदमेराज,मन्नानखांकोभीश्रोताओंनेखूबपसंदकिया।कार्यक्रमकीअध्यक्षतासोहैलपैगम्बरपुरीनेकी।