वेद मंदिर में चल रहे हवन में डाली पूर्णाहुति

संस,लुधियाना:भारतधर्मप्रचारकमंडलकीओरसेदरेसीकेवेदमंदिरमेंकरवाएजारहे64वेंविशालधर्मसम्मेलनमेंदेशकीविभिन्नभागोंसेआएहुएसंतमहापुरुषोंनेअपनेविचारप्रकटकरतेहुएश्रद्धालुओंकामार्गदर्शनकिया।विश्वकल्याणहेतुकिएजारहेहवनयज्ञकीपूर्णाहुतिभीडालीगई।

पंडितसत्यनारायणशास्त्री,अनिलशास्त्री,पंडितभुवनमहेशनेमंत्रोच्चारणकेसाथठाकुरजीकीस्तुतिकी।रविद्रगुप्ता,विनयसहगल,चेतनशर्मा,रजनीश,मनोजभारद्वाज,मनजीतभारद्वाज,कीमतीलाल,निर्मलादीदी,काव्यभारद्वाज,दृष्टिभारद्वाजनेविश्वकल्याणकीकामनाकरतेहुएहवनयज्ञमेंआहुतियांडालीं।

सम्मेलनमेंभक्तोकामार्गदर्शनकरतेहुएस्वामीनिगमबोधतीर्थमहाराजजीनेकहाकिआजयुवावर्गकोआध्यात्मिकबनानेकीआवश्यकताहै।शिक्षाकेअभावमेंअधिकांशयुवकनशाखोरीवगलतमार्गपरचलकरजीवनबर्बादकररहेहै।ऋषभदेवमहाराजजीनेकहाकिदोस्तीकरनीहोतोभगवानश्रीकृष्णजैसीकरो,जैसेश्रीकृष्णजीनेअपनेबचपनकेमित्रसुदामाकेसाथकीथी।जबसुदामाश्रीकृष्णजीकेपासउनकेराजमहलमेंगएथेतबकृष्णजीनेअपनेमित्रकेपांवधोकरउनकोगलेलगालिया।

डा.गुणप्रकाशनेकहाकिउनकाभरोसामतकरो,जिनकाख्यालवक्तकेसाथबदलजाए।भरोसाउनकाकरो,जिनकाख्यालजबभीवैसाहीरहेजबआपकावक्तबदलजाए।जिसदिनआपनेअपनीसोचबड़ीकरलीउसदिनबड़े-बड़ेलोगआपकेबारेमेंसोचनाशुरुकरदेंगे।दंडीस्वामीदेवेश्वरानंदतीर्थनेकहाकिसत्गुरुकेबिनाजीवनमेंविवेकनहींहोसकताऔरविवेकजीवनमेंभगवानकीकृपासेहीप्राप्तहोताहै।जीवनमेंइंसानकोगुरुजरुरबनानाचाहिएक्योंकिगुरुकेबिनागतिनहीहोती।

सम्मेलनमेस्वदेशदेवजीमहाराज,त्रयम्बकेश्वरजीमहाराजआदिनेअपनेविचारप्रकटकिए।इसअवसरपरशिवराम,मोहिनीभार्गव,हरिओमसहगल,राजिदरकपूर,बिट्टूप्रभाकर,नरेशशर्मा,दिनेशटंडन,सतीशशर्मा,लाडीकपूर,विनोदसहगल,विनोदपुरी,गौतमशर्मा,सतीशअरोडाचेतनशर्मा,तुषारधवन,बलदेवचोपड़ा,पंडितसौरव,पंडितदीपवशिष्टआदिउपस्थितथे।